Parent Handbook | अभिभावक विवरण पुस्तिका

4. प्रीस्कूल पाठ्यक्रम - Preschool Program

हमारा मानना है कि बच्चे खेल खेल में सबसे अच्छे से सीखते हैं, और बच्चों के लिए खेल ही सबसे उचित और वास्तविक कार्य है। जब बच्चे एक अर्थपूर्ण खेल में व्यस्त होते हैं, तब वे खोजते हुए रचना करते हुए अपने ज्ञान का प्रबंधन विस्तार करते हैं। हमारी गतिविधियों की संरचना कुछ इस तरह से की गई है जिसके अंतर्गत बच्चे खुद के विकास शिक्षा में सक्रीय भागीदार होते हैं। हम बच्चों का अवलोकन करके प्रतिक्रिया देते हैं उनकी वर्तमान योग्यता में सहयोग करते हुए उनके विकास की यात्रा को अगले पड़ाव पर पहुचने में मदद करते है।

ज्ञानकृति पाठ्यक्रम शिक्षक द्वारा नियोजित बच्चों द्वारा स्वयं से सीखने की योग्यता का संतुलन बनाए रखता है एवं बच्चों के गुणों, रूचि, आवश्यकताओं और सीखने के तरीकों को प्रतिक्रियाशील बनाने पर ज़ोर देता हैं। पाठ्यक्रम में अनेक गतिविधियाँ जैसे नाटक, भाषा, विज्ञान, गणित, सामाजिक शिक्षा, संगीत कला, और सकल सूक्ष्म मोटर विकास सम्मिलित हैं। जहाँ प्री-नर्सरी में बच्चे वर्णमाला संख्या पहचानने लगते है, वहीँ KG2 पूर्ण होने तक वे उन्हें स्वत्रंत रूप से पढ़ने लिखने लग जाते है।

शिक्षिकाएं बच्चों को उत्तरदायी बनने और चयन करने के अवसर प्रदान करते हैं। शिक्षिकाएं समझती हैं कि क्यों कुछ व्यवहार सीमाबद्ध होने चाहिए और जो उचित अनुरूप हैं उनके लिए सीमा निश्चित करते हैं। बच्चों के व्यवहार को लेकर उम्मीदें उनके विकास के अनुरूप रहती हैं एवं इस चुनौती के लिए उन्हें शिक्षकों का सहयोग मिलता है। इसके अलावा वे बच्चों में निराशा को निम्नतम रखते हुए आत्मविश्वास सम्मान बढ़ाते हैं। हमारे शिक्षक, धैर्य, सौहार्द और सम्मान के साथ बच्चों को उनकी उत्तेजना व्यवहार को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। शिक्षक बच्चे के उन व्यव्हार पर अधिक ध्यान देते हैं जो उचित हैं, ना कि उन पर जो अनुचित हैंक्योंकि वो समझते हैं कि शिशु ऐसा व्यवहार करते हैं जिस पर अधिक ध्यान दिया जाता है।

कक्षा में बच्चों को कल्पनाशील खेल में व्यस्त रखने के लिए उपकरणों, रचनात्मक अन्वेषण के लिए उपयुक्त कला अनुभव, बौद्धिक शारीरिक कौशल के लिए विभिन्न प्रकार के खेल, साथ ही बिल्डिंग ब्लॉक्स, संगीत और किताबों को सम्मिलित किया गया है। यह वातावरण बच्चों को गतिविधियों के चुनाव की स्वतंत्रता देता है उनकी आवश्यकतानुसार गतिविधि को दोहराने का भी सम्मान करता है, क्योंकि अनुभवों की पुनरावृत्ति शैक्षणिक क्षमता को प्रोत्साहित करती है। बच्चों की कलाओं को गर्व के साथ प्रदर्शित किया जाता है और वे जैसे भी हो उनका सम्मान किया जाता है। अपने मूल सिद्धांत और पाठ्यक्रम को कार्यान्वित करने के लिए हम अपने कर्मचारियों के प्रशिक्षण और व्यावसायिक परिवृद्धि के लिए वचनबद्ध हैं, और सभी वार्षिक प्रशिक्षण नियमित कार्यशालों में भाग लेते हैं।

Our core early childhood belief is that children learn best through play, and play is the legitimate and genuine work of young children. When children are engaged in purposeful play, they are discovering, creating, improvising, and expanding their learning. Our activities are structured so that children are active participants in their own development and learning. We observe and respond to children and help support their current skills and help scaffold them to reach the next milestone in their developmental journey.

The Gyankriti Curriculum balances teacher planned and child initiated learning, emphasizing responsiveness to children's strengths, interests, needs, and learning styles. The curriculum includes activities such as dramatic play, language, science, math, social studies, music, art, and large and small motor development. Children from pre-nursery begin with recognition of alphabets and numbers up to reading and writing independently by the time they complete KG2.

Teachers create opportunities for the child to be responsible and to make choices. They understand why certain behaviours must be limited and set limits that are fair and consistent. Expectations for behaviours are developmentally appropriate and allow the child to be challenged yet to feel support from the teacher, keeping frustration to a minimum and the child’s confidence and self-esteem intact. Our teachers with patience, warmth, and respect, redirect children to help guide them toward controlling their impulses and behaviours. The teacher draws more attention to a child’s appropriate behaviour than to the inappropriate because he/she understands that toddlers will act in the way that draws the most attention.

The classroom includes aids for children to engage in imaginative play, appropriate art experiences for creative exploration, various learning aids to develop cognitive and physical skills, as well as building blocks, music, and books. The environment allows for the children to choose activities and respects their need for ample time to use and reuse activities, because repeated experiences foster competence. The setting is stimulating and inviting. Children’s art is displayed proudly and respected for what it is. To implement our core philosophy and curriculum we are committed to on-going training and professional development of our staff, and all of them participate in yearly training and in-service workshops.