Parent Handbook | अभिभावक विवरण पुस्तिका

12. घर का दौरा - Home visits

शैक्षिक सत्र के आरम्भ के एक से डेढ़ महीने में शिक्षिका हर बच्चे के घर जाती हैं। इस प्रक्रिया द्वारा जो बंधन बनता है और शिक्षिका को बच्चे और उसकी पृष्ठभूमि के विविध पहलूओं के बारे में जो जानकारी मिलती है वह बहुत महत्वपूर्ण है। इससे शिक्षिका को बच्चे के जीवन में एक पालक की तरह कर्तव्य निभाने में सहायता मिलती है जिससे बच्चे के सम्पूर्ण विकास की प्रक्रिया सुगम बनती है। यह दौरे अभिभावकों के साथ संचालित होते है, इसलिए यह अनिवार्य है कि माता-पिता बच्चे के साथ इस घर के दौरे में उपस्थित रहें। अन्य सभी परिवार के सदस्य (जैसे दादा-दादी) भी इस चर्चा के हिस्सा बनने व् अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित किए जाते हैं। इस दौरे का उद्देश्य बच्चे के घर का परिवेश जानना और उसके साथ रहने वाले लोगों के बारे में जानना है।

Class Teachers visit each student’s home in the first one to one-and-a-half months of the academic year. The bond created by this and the understanding got by the teacher regarding the various aspects of the child’s background and the child herself is of immense value. This truly helps her to play the role of a nurturer and facilitate the overall development of the child. These visits are coordinated with parents and it is necessary for both parents and the child to be present during the Home Visit. All other family members (e.g. grandparents) are encouraged to be a part of the discussion and give their inputs. The purpose of this visit is to learn about the home environment of the child and also know the people living with her.